Dwarka Expressway Tunnel – 24 घंटे का ट्रायल शुरू, Delhi Gurugram के बीच अब जाम की हुई छुट्टी
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) पर बनी अत्याधुनिक टनल का ट्रायल रन विधिवत रूप से शुरू हो गया है।

Gurugram News Network – दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) पर बनी अत्याधुनिक टनल का ट्रायल रन विधिवत रूप से शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 29 मई, 2025 को इस महत्वपूर्ण परियोजना का ट्रायल रन शुरू किया, जिसका उद्देश्य दिल्ली, गुरुग्राम और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
ट्रायल की बारीकियां और उद्देश्य:

शुरुआती चरण में, टनल का ट्रायल प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस समय-सीमा को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा ताकि टनल की विभिन्न परिचालन स्थितियों में पूरी तरह से जांच की जा सके। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य टनल के भीतर लगे सभी तकनीकी प्रणालियों, जैसे कि वेंटिलेशन, प्रकाश व्यवस्था, आपातकालीन निकास प्रणाली, अग्निशमन उपकरण और सीसीटीवी निगरानी को वास्तविक यातायात परिस्थितियों में परखना है। इसके साथ ही, टनल की संरचनात्मक अखंडता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी गहन मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सके।
भारत की सबसे लंबी शहरी सड़क टनल:
द्वारका एक्सप्रेसवे टनल अपनी विशेषताओं के कारण विशेष महत्व रखती है। यह टनल कुल 5.1 किलोमीटर लंबी है और इसे दो खंडों में बनाया गया है:
- 3.6 किलोमीटर का आठ-लेन वाला खंड: यह टनल का मुख्य हिस्सा है जो द्वारका एक्सप्रेसवे को सीधे आईजीआई हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 से जोड़ता है। यह खंड हवाई अड्डे पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यात्रा के समय को काफी कम करेगा।
- 1.5 किलोमीटर का दो-लेन वाला खंड: यह छोटा खंड द्वारका एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजमार्ग 48 (NH-48) से जोड़ता है, जिससे दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर भी यातायात का दबाव कम होगा।
यह टनल न केवल अपनी लंबाई के लिए बल्कि अपनी चौड़ाई और आधुनिक इंजीनियरिंग के लिए भी विख्यात है, जो इसे भारत की सबसे लंबी और चौड़ी शहरी सड़क टनल बनाती है।
परियोजना की लागत और लाभ:
द्वारका एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसकी कुल लागत लगभग 9,000 करोड़ रुपये है, का लक्ष्य दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (Delhi Gurugram Expressway) (NH-48) पर लगने वाले भीषण जाम को कम करना है। यह नई टनल विशेष रूप से द्वारका, गुरुग्राम और दिल्ली हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों और दैनिक यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी। इसके पूरी तरह से चालू होने के बाद, यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जिससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी। गुरुग्राम यातायात पुलिस को भी उम्मीद है कि इस टनल के खुलने से NH-48 पर यातायात का दबाव काफी कम होगा।
विधिवत उद्घाटन कब होगा ?
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टनल से संबंधित सभी सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। ट्रायल पूरा होने के बाद टनल को जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, उद्घाटन की अंतिम तिथि और औपचारिक घोषणा NHAI द्वारा ट्रायल रिपोर्ट के आकलन के बाद की जाएगी।













